क़ुरआन 55:49 — सर्वकारुणिक (अल-रहमान)
فَبِأَىِّ ءالاءِ رَبِّكُما تُكَذِّبانِ
तुम्हारे प्रभु की किस अद्भुत बात को तुम इनकार कर सकते हो?
[55:48] प्रावधानों से भरपूर।
[55:50] उनमें दो स्प्रिंग्स हैं, बह रही हैं।
Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में
فَبِأَىِّ ءالاءِ رَبِّكُما تُكَذِّبانِ
तुम्हारे प्रभु की किस अद्भुत बात को तुम इनकार कर सकते हो?
[55:48] प्रावधानों से भरपूर।
[55:50] उनमें दो स्प्रिंग्स हैं, बह रही हैं।