क़ुरआन 19:2 — मेरी (मरियम)
ذِكرُ رَحمَتِ رَبِّكَ عَبدَهُ زَكَرِيّا
एक कथन आपके प्रभु की दया के बारे में जो उनके दास ज़छरियाह की ओर थी।
[19:1] के. एच. वाई. 'एस.* (काफ हा या आइन साद)
[19:3] उसने अपने प्रभु को एक गुप्त आवाज़ में बुलाया।
Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में
ذِكرُ رَحمَتِ رَبِّكَ عَبدَهُ زَكَرِيّا
एक कथन आपके प्रभु की दया के बारे में जो उनके दास ज़छरियाह की ओर थी।
[19:1] के. एच. वाई. 'एस.* (काफ हा या आइन साद)
[19:3] उसने अपने प्रभु को एक गुप्त आवाज़ में बुलाया।