क़ुरआन 26:206 — कवियों (अल-शुआरा)
तब उनको प्रतिशोध मिला, जैसा कभी वादा किया गया था।
[26:205] जैसा कि आप देख रहे हैं, हमने उन्हें सालों तक आनंद लेने की अनुमति दी।
[26:207] उनकी विशाल संसाधन से उनकी कोई मदद नहीं हुई।
Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में
तब उनको प्रतिशोध मिला, जैसा कभी वादा किया गया था।
[26:205] जैसा कि आप देख रहे हैं, हमने उन्हें सालों तक आनंद लेने की अनुमति दी।
[26:207] उनकी विशाल संसाधन से उनकी कोई मदद नहीं हुई।