क़ुरआन 6:14 — पशुपालन (अल-अनआम)
قُل أَغَيرَ اللَّهِ أَتَّخِذُ وَلِيًّا فاطِرِ السَّمٰوٰتِ وَالأَرضِ وَهُوَ يُطعِمُ وَلا يُطعَمُ ۗ قُل إِنّى أُمِرتُ أَن أَكونَ أَوَّلَ مَن أَسلَمَ ۖ وَلا تَكونَنَّ مِنَ المُشرِكينَ
क्या मैं उसके अलावा किसी और को ईश्वर और स्वामी मानूं, जबकि वह आकाश और पृथ्वी का संक्रमणकर्ता है, और वह भोजन करता है परन्तु खाता नहीं है? कहो, "मुझे सबसे अधिक विनम्र समर्पित बनने के लिए आदेश दिया गया है, और 'मूर्तिपूजक न बनो'।"
[6:13] उसकी ही है हर वस्तु जो रात्रि और दिन में विराजमान है। वह सुनने वाला, जानने वाला है।
[6:15] मैं डरता हूँ, अगर मैं अपने प्रभु का अनुशासन न करूँ, तो एक भयंकर दिन की सजा का।