क़ुरआन 64:2 — सामंजस्य (अल-तगाबुन)
هُوَ الَّذى خَلَقَكُم فَمِنكُم كافِرٌ وَمِنكُم مُؤمِنٌ ۚ وَاللَّهُ بِما تَعمَلونَ بَصيرٌ
वही वह है जिसने तुम्हें बनाया, फिर तुममें से कुछ काफिर हैं और कुछ मुमिन। भगवान सब कुछ जो तुम करते हो को पूरी तरह से देख रहा है।
[64:1] स्वर्ग और पृथ्वी में भगवान की महिमा सबकुछ है। उसकी ही सारी राजशक्ति है, और उसकी ही सभी प्रशंसा है, और वह सर्वशक्तिमान है।
[64:3] उसने आकाश और पृथ्वी को एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाया, तुम्हें डिज़ाइन किया और उसे पूरा किया, फिर उसी के पास अंतिम गम्भीरता है।