क़ुरआन 16:86 — मधुमक्खी (अल-नह्ल)
وَإِذا رَءَا الَّذينَ أَشرَكوا شُرَكاءَهُم قالوا رَبَّنا هٰؤُلاءِ شُرَكاؤُنَا الَّذينَ كُنّا نَدعوا مِن دونِكَ ۖ فَأَلقَوا إِلَيهِمُ القَولَ إِنَّكُم لَكٰذِبونَ
और जब उन लोगों को जो मूर्तिपूजा करते थे, उनकी मूर्तियाँ नजर आएँगी, तो वे कहेंगे, "हे हमारे प्रभु, ये हमारी मूर्तियाँ हैं जिन्हें हमने तुम्हारे साथ स्थापित किया था।" तब मूर्तियाँ उनके सामने आ जाएँगी और कहेंगी, "तुम झूठे हो।"
[16:85] जब उन लोगों को दंड देखना होगा जिन्होंने अपराध किया है, तब वह बहुत देर हो जाएगी; उनके लिए यह क्षमा नहीं की जाएगी, न ही उन्हें कोई देरी मिलेगी।
[16:87] उन्होंने उस दिन पूरी तरह से भगवान के समर्पित हो जाएंगे, और जिन मूर्तियों को उन्होंने बनाया था, वे उन्हें नकारेंगी।