क़ुरआन 17:12 — इस्राइल के बच्चे (बनी इस्राइल)
وَجَعَلنَا الَّيلَ وَالنَّهارَ ءايَتَينِ ۖ فَمَحَونا ءايَةَ الَّيلِ وَجَعَلنا ءايَةَ النَّهارِ مُبصِرَةً لِتَبتَغوا فَضلًا مِن رَبِّكُم وَلِتَعلَموا عَدَدَ السِّنينَ وَالحِسابَ ۚ وَكُلَّ شَيءٍ فَصَّلنٰهُ تَفصيلًا
हमने रात और दिन को दो संकेत बनाया। हमने रात को अंधेरा बनाया और दिन को प्रकाशित किया, ताकि आप अपने प्रभु से अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की खोज करें। इससे आपके लिए समय-सिद्धांत और गणना के साधन भी स्थापित होते हैं। हम सब कुछ विस्तार से समझाते हैं।
[17:11] मनुष्य अक्सर उस चीज के लिए प्रार्थना करता है जो उसे चोट पहुंचा सकती है, सोचते हुए कि वह कुछ अच्छा मांग रहा है। मनुष्य अधीर होता है।
[17:13] हमने हर इंसान की तक़दीर दर्ज की है; यह उसके गर्दन से जुड़ी हुई है। पुनर्जन्म के दिन हम उसे एक ऐसा दस्तावेज़ देंगे जो पहुँचने में सरल होगा।