Submission

Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में

क़ुरआन 2:255 — गाय (अल-बकराह)

اللَّهُ لا إِلٰهَ إِلّا هُوَ الحَىُّ القَيّومُ ۚ لا تَأخُذُهُ سِنَةٌ وَلا نَومٌ ۚ لَهُ ما فِى السَّمٰوٰتِ وَما فِى الأَرضِ ۗ مَن ذَا الَّذى يَشفَعُ عِندَهُ إِلّا بِإِذنِهِ ۚ يَعلَمُ ما بَينَ أَيديهِم وَما خَلفَهُم ۖ وَلا يُحيطونَ بِشَيءٍ مِن عِلمِهِ إِلّا بِما شاءَ ۚ وَسِعَ كُرسِيُّهُ السَّمٰوٰتِ وَالأَرضَ ۖ وَلا يَـٔودُهُ حِفظُهُما ۚ وَهُوَ العَلِىُّ العَظيمُ

भगवान: उसके सिवा कोई और भगवान नहीं है, जो जीवित है, शाश्वत है। उसे कभी भी अनजानी या नींद नहीं आती। उसके पास आकाश और पृथ्वी में सब कुछ है। कौन उसके सामने बिचौलिया डाल सकता है, सिवाय उसकी इच्छा के अनुसार? उसे उनका भूत और भविष्य पता है। कोई भी ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता, सिवाय जैसा कि उसने इच्छा की हो। उसकी सत्ता आकाश और पृथ्वी को आच्छादित करती है, और उन्हें शासन करना कभी भी उसे बोझ नहीं लगता। वह सर्वोच्च है, महान है।

[2:254] जो ईमान लाए हो, तुम्हें हमने तुम्हें दिया हुआ वित्त दान करना चाहिए, एक ऐसे दिन से पहले जब व्यापार नहीं होगा, कोई संबंध नहीं होगा, और कोई दलाली नहीं होगी। काफिर अन्यायी हैं।

[2:256] धर्म में कोई जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए: सही राह अब गलत राह से स्पष्ट है। जो कोई शैतान का त्याग करता है और भगवान में विश्वास रखता है, उसने सबसे मजबूत बंधन को पकड़ लिया है; जो कभी नहीं टूटता। भगवान सुनने वाला, सर्वज्ञ है।