क़ुरआन 55:29 — सर्वकारुणिक (अल-रहमान)
يَسـَٔلُهُ مَن فِى السَّمٰوٰتِ وَالأَرضِ ۚ كُلَّ يَومٍ هُوَ فى شَأنٍ
सभी आकाश और पृथ्वी में उससे विनती कर रहे हैं। प्रतिदिन वह पूरी निगरानी में है।
[55:28] तुम्हारे प्रभु की किस अद्भुत बात को तुम इनकार कर सकते हो?
[55:30] तुम्हारे प्रभु की किस अद्भुत बात को तुम इनकार कर सकते हो?