क़ुरआन 55:39 — सर्वकारुणिक (अल-रहमान)
فَيَومَئِذٍ لا يُسـَٔلُ عَن ذَنبِهِ إِنسٌ وَلا جانٌّ
उस दिन, किसी मनुष्य से या जिन्न से उसके पापों के बारे में पूछा नहीं जाएगा।
[55:38] तुम्हारे प्रभु की किस अद्भुत बात को तुम इनकार कर सकते हो?
[55:40] तुम्हारे प्रभु की किस अद्भुत बात को तुम इनकार कर सकते हो?