Submission

Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में

क़ुरआन 6:148 — पशुपालन (अल-अनआम)

سَيَقولُ الَّذينَ أَشرَكوا لَو شاءَ اللَّهُ ما أَشرَكنا وَلا ءاباؤُنا وَلا حَرَّمنا مِن شَيءٍ ۚ كَذٰلِكَ كَذَّبَ الَّذينَ مِن قَبلِهِم حَتّىٰ ذاقوا بَأسَنا ۗ قُل هَل عِندَكُم مِن عِلمٍ فَتُخرِجوهُ لَنا ۖ إِن تَتَّبِعونَ إِلَّا الظَّنَّ وَإِن أَنتُم إِلّا تَخرُصونَ

मूर्ति पूजक कहते हैं, "अगर भगवान चाहते तो हम मूर्तिपूजा नहीं करते, न हमारे माता-पिता करते, न हम किसी चीज को निषेधित करते।" इसी प्रकार उनके पूर्वज ने भी नास्तिकता की, जब तक उन्हें हमारा दंड नहीं मिला। कहो, "क्या तुम्हारे पास हमें दिखाने योग्य कोई सिद्ध ज्ञान है? तुम सिर्फ कल्पनाओं का पालन करते हो; तुम सिर्फ अनुमान लगाते हो।"

[6:147] अगर वे तुम्हारी बात पर विश्वास न करें, तो कहो, "तुम्हारे प्रभु के पास अनंत दया है, परन्तु दोषी लोगों के लिए उसका प्रतिशोध अविचलित है।"

[6:149] कहें, "भगवान के पास सबसे शक्तिशाली तर्क है; अगर वह चाहें तो वह सभी आपको मार्गदर्शन कर सकते ह।"