क़ुरआन 6:89 — पशुपालन (अल-अनआम)
أُولٰئِكَ الَّذينَ ءاتَينٰهُمُ الكِتٰبَ وَالحُكمَ وَالنُّبُوَّةَ ۚ فَإِن يَكفُر بِها هٰؤُلاءِ فَقَد وَكَّلنا بِها قَومًا لَيسوا بِها بِكٰفِرينَ
वे वह लोग थे जिन्हें हमने शास्त्र, ज्ञान और पैग़म्बरी दी थी। अगर ये लोग नास्तिक हो जाएं, तो हम उनके स्थान पर दूसरे लोग लाएंगे, और नए लोग नास्तिक नहीं होंगे।
[6:88] ऐसा ही है भगवान का मार्गदर्शन, जिसके जरिए वह अपने दासों में से जिसे चाहे भी मार्गदर्शन देता है। अगर उनमें से कोई मूर्तिपूजा में पड़ जाता, तो उनके कर्म नष्ट हो जाते।
[6:90] ये उन लोगों की गाइडेड हैं जिन्हें भगवान ने मार्गदर्शन दिया है; तुम्हें उनके पदचिह्नों की ओर मार्गदर्शन किया जाएगा। कहो, "मैं तुमसे कोई वेतन नहीं मांगता। यह सिर्फ सभी लोगों के लिए एक संदेश है।"