क़ुरआन 68:29 — कलम (अल-कलम)
قالوا سُبحٰنَ رَبِّنا إِنّا كُنّا ظٰلِمينَ
उन्होंने कहा, "हमारे प्रभु की महिमा हो। हमने अतिक्रमण किया ह।"
[68:28] उनमें धर्मी लोग ने कहा, "यदि तुमने (भगवान) की महिमा की होती!"
[68:30] उन्होंने एक दूसरे पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।