क़ुरआन 27:81 — चींटी (अल-नम्ल)
وَما أَنتَ بِهٰدِى العُمىِ عَن ضَلٰلَتِهِم ۖ إِن تُسمِعُ إِلّا مَن يُؤمِنُ بِـٔايٰتِنا فَهُم مُسلِمونَ
तुम अंधों को भटकने से नहीं बचा सकते। तुम्हारी सुनेंगे सिर्फ हमारे संकेतों में विश्वास रखने वाले और समर्पित बनने का निर्णय लेने वाले लोग ही।
[27:80] अगर वे मुड़ जाएँ, तो मृतक या बहरे को बुलावा सुनाना नहीं सकते।
[27:82] सही समय पर हम उनके लिए एक पशु उत्पन्न करेंगे, जो पृथ्वीय सामग्रियों से बना होगा, जिससे लोग हमारी भविष्यवाणियों के बारे में निश्चित नहीं होंगे।