क़ुरआन 29:27 — मकड़ी (अल-अंकाबूत)
وَوَهَبنا لَهُ إِسحٰقَ وَيَعقوبَ وَجَعَلنا فى ذُرِّيَّتِهِ النُّبُوَّةَ وَالكِتٰبَ وَءاتَينٰهُ أَجرَهُ فِى الدُّنيا ۖ وَإِنَّهُ فِى الءاخِرَةِ لَمِنَ الصّٰلِحينَ
हमने उसे इसहाक और याकूब को दिया, हमने उसके वंशजों को नबूत और शास्त्र दिए, हमने उसे इस जीवन में उसका सही पुरस्कार दिया, और आखिरत में वह निश्चित रूप से धर्मी लोगों के साथ होगा।
[29:26] लोट ने उसके साथ विश्वास किया और कहा, "मैं अपने प्रभु की ओर प्रवास कर रहा हूँ। वह सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ है।"
[29:28] लॉट ने अपने लोगों से कहा, "तुम एक ऐसी घोर अपराध कर रहे हो, जिसे पहले तुमसे कोई नहीं किया है।"