क़ुरआन 3:7 — आमरामियों (आले-इमरान)
هُوَ الَّذى أَنزَلَ عَلَيكَ الكِتٰبَ مِنهُ ءايٰتٌ مُحكَمٰتٌ هُنَّ أُمُّ الكِتٰبِ وَأُخَرُ مُتَشٰبِهٰتٌ ۖ فَأَمَّا الَّذينَ فى قُلوبِهِم زَيغٌ فَيَتَّبِعونَ ما تَشٰبَهَ مِنهُ ابتِغاءَ الفِتنَةِ وَابتِغاءَ تَأويلِهِ ۗ وَما يَعلَمُ تَأويلَهُ إِلَّا اللَّهُ ۗ وَالرّٰسِخونَ فِى العِلمِ يَقولونَ ءامَنّا بِهِ كُلٌّ مِن عِندِ رَبِّنا ۗ وَما يَذَّكَّرُ إِلّا أُولُوا الأَلبٰبِ
उसने आपके पास यह शास्त्र भेजा, जिसमें सीधे और स्पष्ट छंद हैं— जो शास्त्र की सारता है— साथ ही कई अर्थयुक्त या रूपांतरित छंद भी हैं। जिनके दिल में संदेह है, वे अर्थयुक्त छंदों का पीछा करेंगे ताकि भ्रांति पैदा करें और किसी निश्चित अर्थ को निकालें। उसका सच्चा अर्थ केवल भगवान और ज्ञान में स्थिर व्यक्ति ही जानते हैं। वे कहते हैं, "हम इसमें विश्वास करते हैं— यह सब हमारे प्रभु से है।" समझदार व्यक्ति ही इस पर गौर करेंगे।
[3:6] वही वह है जो आपको गर्भ में जैसा वह चाहता है रचता है। उसके सिवा कोई और भगवान नहीं है; शक्तिशाली, सर्वज्ञ।
[3:8] हे प्रभु, जब तुमने हमें मार्गदर्शन दिया है, तो हमारे हृदय कमजोर न हों। अपनी कृपा से हमें धो दो; तुम ही वरदाता हो।