क़ुरआन 41:25 — विस्तृत (फुस्सिलत)
وَقَيَّضنا لَهُم قُرَناءَ فَزَيَّنوا لَهُم ما بَينَ أَيديهِم وَما خَلفَهُم وَحَقَّ عَلَيهِمُ القَولُ فى أُمَمٍ قَد خَلَت مِن قَبلِهِم مِنَ الجِنِّ وَالإِنسِ ۖ إِنَّهُم كانوا خٰسِرينَ
हम उन्हें संगी देते हैं जो उनके हर काम को उनकी आँखों में सजाते हैं। इस प्रकार, वे पहले की जिन्नों और मनुष्यों की समुदायों की भाग्यवान भाग्य का हिस्सा बन जाते हैं, जो भी हार गए थे।
[41:24] अगर वे ऐसे ही चलते रहे, तो नरक ही उनका भाग्य होगा, और अगर उन्होंने बहाने बनाए, तो उन्हें क्षमा नहीं की जाएगी।
[41:26] जो नास्तिक हैं, वे कहते हैं, "इस क़ुरान को सुनना मत और उसे भिगाड़ दो, ताकि तुम जीत जाओ।"