Submission

Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में

क़ुरआन 49:2 — दीवारें (अल-हुजुरात)

يٰأَيُّهَا الَّذينَ ءامَنوا لا تَرفَعوا أَصوٰتَكُم فَوقَ صَوتِ النَّبِىِّ وَلا تَجهَروا لَهُ بِالقَولِ كَجَهرِ بَعضِكُم لِبَعضٍ أَن تَحبَطَ أَعمٰلُكُم وَأَنتُم لا تَشعُرونَ

जो ईमान लाए हो, उनसे मांगता है कि आप नबी की आवाज से ऊपर न उठाएँ, और न उससे जैसे आप एक-दूसरे से बोलते हैं, उसी तरह से उस पर चिल्लाएँ, नहीं तो आपके काम बेकार हो सकते हैं और आपको इसका अहसास न हो।

[49:1] जो ईमान लाए हो, उनसे अधिक अपनी राय को अल्लाह और उसके रसूल के फैसले के ऊपर न रखो। तुम्हें अल्लाह का खुदा डरना चाहिए। अल्लाह सुनने वाला, सभी जानने वाला है।

[49:3] विश्वास करो, वे लोग जो अपनी आवाज़ को भगवान के संदेशवाहक के सामने कम करते हैं, वे ही लोग हैं जिनके हृदय को भगवान ने धार्मिक बनाने के लिए तैयार किया है। उन्हें क्षमा और बड़ा पुरस्कार प्राप्त होता है।