क़ुरआन 65:12 — तलाक (अल-तलाक)
اللَّهُ الَّذى خَلَقَ سَبعَ سَمٰوٰتٍ وَمِنَ الأَرضِ مِثلَهُنَّ يَتَنَزَّلُ الأَمرُ بَينَهُنَّ لِتَعلَموا أَنَّ اللَّهَ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ قَديرٌ وَأَنَّ اللَّهَ قَد أَحاطَ بِكُلِّ شَيءٍ عِلمًا
भगवान ने सात ब्रह्मांड और उसी संख्या में पृथ्वियाँ बनाई। उनके बीच आदेश बहते रहते हैं। यह आपको बताने के लिए है कि भगवान सर्वशक्तिमान हैं, और भगवान सभी चीजों की पूरी जानकारी रखते हैं।
[65:11] एक संदेशक* जो आपको भगवान के संदेश को स्पष्ट रूप से पढ़कर सुनाता है, ताकि वह जो विश्वास रखते हैं और धर्मपरायण काम करते हैं, उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए। जो कोई भगवान में विश्वास रखता है और धर्मपरायण जीवन जीता है, उसे वह स्थायी रूप से बहती हुई नदियों वाले बागों में प्रवेश कराएगा; वहाँ वे हमेशा के लिए ठहरेंगे। भगवान उसे उदारता से पुरस्कृत करेगा।