Submission

Submission — Submission (इस्लाम): सच्चे इस्लाम के बारे में सही जानकारी का दुनिया का प्रमुख स्रोत, 33 भाषाओं में

क़ुरआन 6:31 — पशुपालन (अल-अनआम)

قَد خَسِرَ الَّذينَ كَذَّبوا بِلِقاءِ اللَّهِ ۖ حَتّىٰ إِذا جاءَتهُمُ السّاعَةُ بَغتَةً قالوا يٰحَسرَتَنا عَلىٰ ما فَرَّطنا فيها وَهُم يَحمِلونَ أَوزارَهُم عَلىٰ ظُهورِهِم ۚ أَلا ساءَ ما يَزِرونَ

हारनेवाले वास्तव में वे होते हैं जो भगवान से मिलने में नास्तिक होते हैं, जब तक कि घड़ी अचानक उनके पास न आ जाए, फिर कहें, "हम अपनी जिंदगी को इस दुनिया में बर्बाद करने पर गहरा पछताएंगे।" वे अपने पीठ पर अपने पापों का भार उठाएंगे; कितना दुखद भार है!

[6:30] अगर आप उन्हें उस समय देख सकते जब वे अपने प्रभु के सामने खड़े होते हैं! वह कहेंगे, "क्या यह सच नहीं है?" वे कहेंगे, "हां, हमारे प्रभु।" वह कहेंगे, "तुमने अपने नास्तिकता से दंड उठाया है।"

[6:32] इस दुनिया का जीवन केवल माया और शून्यता है, जबकि आखिरत का निवास धर्मात्माओं के लिए बहुत अधिक उत्तम है। क्या आप समझते नहीं हैं?!